स्टेशन चौक, हरी वाटिका चौक ,छावनी ,चेक पोस्ट आदी जगहों पर ओवरलोड ट्रक के अलावा राजस्व चोरी का मामला साफ़ साफ़ दिखाई देता है परन्तु खनन के साथ-साथ अन्य जवाबदेह विभागों की कार्यशैली चिंताजनक हैं
शुक्रवार की रात्रि मीना बाजार टांडा स्टैंड के पास एक ओवरलोड ट्रक खराब होने की वजह से फँस गया और हमने जब इस सम्बंध मे जानना चाहा तो वहाँ उपलब्ध लोगों ने भिन्न भिन्न तरीकों से हमे समझाना चाहा परंतु कुछ दबंगों ने हमे वीडियो बनाने नहीं दिया और हमारा ही वीडियो बनाने लगे और बताने लगे की जब ओवरलोडिंग से पुलिस को कोई एतराज नहीं है तो आप लोग क्यों वीडियो बनाते हैं हालांकि जब उनकी दाल नहीं गली तो उन्होंने आरोप लगाने भी शुरू कर दिए इस संबंध में जब हमने गश्ती गाड़ी के अधिकारी से जानना चाहा तो उन्होंने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि आप लोग वीडियो बनाइए और प्रभारी से बात करें वही कुछ करेंगे अब सवाल यह उठता है आखिर में इन ओवर लोडिंग वाहन चलाने वाले प्रशासन की तरफ से कौन सी वजह है जो इतने निश्चिंत हैं कि उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं होगी उल्टे हैं वह दबंगई दिखाते हैं अगर गौर से देखा जाए तो इन गाड़ियों पर 300 से 400 सीएफटी बालू का चालान होने के बाबजूद 700 से 1000 सीएफटी बालू होता है परंतु संबंधित विभागों की नजरअंदाज करने की वजह कहीं भ्रस्टाचार तो नहीं यह जाँच का विषय है






