पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ को सोमवार को तीसरी बार नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। उन्हें राष्ट्रपति आज शीतल निवास में आयोजित एक आधिकारिक समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगी। तीसरी बार नेपाल का प्रधानमंत्री बने प्रचंड को चीन का समर्थक माना जाता है। आगे यह देखना है कि प्रचंड प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत के साथ कैसा व्यवहार रखते है।भारत के प्रधानमंत्री ने प्रचंड को बधाइयाँ दी है।
रविवार को प्रचंड सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष के पी शर्मा ओली, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रवि लामिछाने, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के प्रमुख राजेंद्र लिंगडेन सहित अन्य शीर्ष नेताओं के साथ राष्ट्रपति कार्यालय गए और सरकार बनाने का दावा पेश किया।प्रचंड को 168 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है, जिनमें सीपीएन-यूएमएल के 78, सीपीएन-एमसी के 32, आरएसपी के 20, आरपीपी के 14, जेएसपी के 12, जनमत के छह, नागरिक उन्मुक्ति पार्टी के तीन सदस्य और तीन निर्दलीय शामिल हैं।