जी हाँ बेतिया नगर निगम अधिकारी के विभिन्न आदेशों से कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है कभी अतिक्रमण हटाने के नाम पर कभी जीएमसीएच वाले रास्ते को चौड़ा करने के नाम पर नगर निगम छोटे दुकानदारों से दंड वसूली से लेकर समान जप्ती तक की कार्रवाई करता रहा है। परंतु जिन फुटपाथ व्यापारियों से नगर निगम सालाना लाखों रुपए का राजस्व वसूलता है उनको सुविधा के नाम पर उनको कोई सुविधा प्रदान नहीं करता। आखिर बेतिया नगर निगम के अधिकारियों को इन छोटे व्यापरियों को सिर्फ टैक्स वसूली के लिये रखा गया है या इनको बुनियादी सुविधा भी उपलब्ध कराना उनकी जवाबदेही भी बनती है।
इसके विपरित इन्हीं अधिकारियों को बड़े अतिक्रमणकारियों( हरिवाटिका से छावनी) जिनकी वजह से रोड जाम रहती है और छोटे वाहन चालकों के लिये परेशानी बनी रहती है। उनके ऊपर निगम के अधिकारियों द्वारा किसी तरह की जब्ती या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है, यह बेतिया नगर निगम अधिकारियों की भेदभाव पूर्ण नीतियों को दर्शाता है।