आज पूरी तरह सरकारी स्वास्थ्य सेवा ठप्प रही इसकी वजह थी कोलकाता में हुए इंटर्नशिप की छात्रा से बलात्कार की घटना और उसके बाद की कार्यवाई से सभी मेडिकल छात्र आक्रोशित थे और उन्होंने बेतिया मेडिकल कालेज में ओ पी डी, इमर्जेंसी समेत सभी सेवा को बाधित किया ।इस घटना के विरोध में सभी डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने की भी सूचना प्राप्त है। हालाँकि कुछ अपुष्ट सूत्र बता रहे है कि कुछ ऐसे डॉक्टर जो हड़ताल पर है परंतु निजी क्लीनिकों में सेवा प्रदान कर रहे है जिसकी पुष्टि नहीं हो पायी है।
इस हड़ताल का प्रभाव सबसे ज्यादा प्रभाव मरीजों पर पड़ा है और वो ईधर उधर भटकने को मजबूर है। यह हड़ताल अवैध डॉक्टरों और स्वास्थ्य सेवा वालों के लिये वरदान साबित हुई है। वो इनकी मजबूरियों का खुल कर फायदा उठा रहे है। सबसे बड़ी बात यह है कि पिछले तीन दिनों से हो रहे प्रदर्शन के बाबजूद भी स्वास्थ्य विभाग ने ऐसी स्थिति के लिए कोई आवश्यक कदम नहीं उठाये थे। जिस वजह से मरीजों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।






