नाबालिग की पहचान उजागर करने के आरोप में दो यूट्यूबरों पर FIR, पुलिस की कार्रवाई से मचा हड़कंप
बेतिया से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां नाबालिग बच्ची से जुड़े कथित दुष्कर्म के मामले में अब दो यूट्यूबर भी पुलिस की कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। आरोप है कि खबर प्रसारित करने के दौरान बच्ची का नाम और पता उजागर कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में दो यूट्यूबरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
बड़ा सवाल यह है कि क्या खबर दिखाने की होड़ में पत्रकारिता की बुनियादी मर्यादाओं और कानून का ध्यान रखना जरूरी नहीं है ?
जानकारी के मुताबिक, विगत दिनों एक 10 वर्षीय बच्ची से कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया था। इस मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी युवक को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है।
पुलिस के अनुसार, घटना से संबंधित खबर प्रसारित करते समय बच्ची का नाम और पता सार्वजनिक कर दिया गया। इसे नाबालिग की पहचान उजागर करने का मामला मानते हुए पुलिस ने दो यूट्यूबरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
जानकारी के मुताबिक, इस मामले में यूट्यूबर अमित कुमार पांडे और शबनम परवीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। FIR के अनुसार खबर प्रसारित करने के दौरान बच्ची की पहचान उजागर की गई थी। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
कानून क्या कहता है?
नाबालिग से जुड़े यौन अपराधों के मामलों में उसकी पहचान की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। पॉक्सो एक्ट की धारा 23 और किशोर न्याय कानून की धारा 74 के तहत निर्धारित परिस्थितियों में पीड़ित बच्चे की पहचान उजागर करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और कानून के तहत आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
क्या होगी सलाह
यह मामला एक महत्वपूर्ण संदेश देता है—खबर दिखाना जरूरी है, लेकिन किसी नाबालिग पीड़ित की निजता और सम्मान की रक्षा करना भी उतना ही जरूरी है।






