पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी यानी LPU में देर रात ऐसा हंगामा हुआ, जिसने पूरे देश का ध्यान खींच लिया है। यह हंगामा एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न की खबर और उसके बाद छात्रा की मौत से जुड़ी अफवाहें के फैलने की वजह से हुआ बताया जा रहा है।
उपलब्ध सुचना के अनुसार कैंपस में खिड़कियों के शीशे तोड़े गए, गमले और दूसरी चीजें फेंकी गईं और कुछ स्थानों पर आगजनी की भी सूचना है। घटना के बाद छात्रों ने यूनिवर्सिटी के बाहर जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे को भी जाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
पुलिस के मुताबिक, जिस कथित रेप की बात छात्रों के बीच फैल रही थी, उसकी पुष्टि के लिए फिलहाल कोई शिकायत या ठोस सबूत सामने नहीं आया है।
प्रदर्शन के दौरान भी छात्र कथित पीड़िता के बारे में स्पष्ट जानकारी पुलिस को नहीं दे सके।यानी एक तरफ छात्रों में सुरक्षा और न्याय को लेकर गुस्सा है, तो दूसरी तरफ पुलिस इसे फिलहाल अपुष्ट दावे और अफवाहों से जोड़कर देख रही है।
मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट जानकारी के तेजी से फैलने से हालात कितनी तेजी से बिगड़ सकते हैं, LPU का यह घटनाक्रम इसका बड़ा उदाहरण बन गया है।
छात्रों की सुरक्षा और किसी भी संभावित अपराध की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। लेकिन साथ ही, बिना पुष्टि के किसी गंभीर आरोप को फैलाना और उसके आधार पर हिंसा या तोड़फोड़ करना भी स्थिति को और गंभीर बना सकता है। फिलहाल सबकी नजर पुलिस जांच और यूनिवर्सिटी प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।
सवाल सिर्फ यह नहीं कि LPU में आखिर हुआ क्या था। सवाल यह भी है कि इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के बीच यह खबर कैसे फैली, प्रशासन ने स्थिति को कैसे संभाला और क्या इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी?






