बिहार में बाढ़ का बड़ा खतरा, चंपारण मे तटबंध क्षतिग्रस्त

           पश्चिम चंपारण से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां गंडक नदी के बढ़ते दबाव के बीच चंपारण मे तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया है।

पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड अंतर्गत फुलियाखाँड़ गांव के समीप गंडक नदी के बाएं चंपारण तटबंध के 59.60 किलोमीटर पर ओवरटॉपिंग और अचानक पाइपिंग के कारण करीब 5 मीटर की चौड़ाई में तटबंध क्षतिग्रस्त हुआ है।

तटबंध में क्षति के बाद पानी खेतों में फैलना शुरू हो गया है। प्रशासन के मुताबिक फुलियाखाँड़, शामपुर और शिवराजपुर गांवों के निचले इलाकों में पानी फैलने की आशंका है। इसके साथ ही इन इलाकों में आवागमन और संपर्क मार्ग प्रभावित हो गया है।

 मौके पर NDRF की टीम

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। NDRF की 30 सदस्यों वाली टीम घटनास्थल पर मौजूद है। वहीं जल संसाधन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है और तटबंध की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है।जिला प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव की कार्रवाई की जा रही है।

 लोगों से सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील

प्रशासन ने प्रभावित और संभावित रूप से प्रभावित निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से तत्काल सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि पानी और सड़क की स्थिति की पुष्टि किए बिना प्रभावित इलाकों में आवागमन न करें। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और संवेदनशील लोगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की गई है।

प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल आधिकारिक माध्यमों से मिलने वाली जानकारी पर भरोसा करने को कहा है।

 आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क

किसी भी आपात स्थिति, बचाव कार्य या सहायता के लिए जिला नियंत्रण कक्ष के इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है:

06254-247002
06254-247003

फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती तटबंध की मरम्मत और पानी के फैलाव को नियंत्रित करना है। NDRF और जल संसाधन विभाग की टीमें मौके पर हैं और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

लेकिन बड़ा सवाल यही है कि अगर पानी का दबाव और बढ़ता है, तो निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए प्रशासन की अगली रणनीति क्या होगी?

 

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