क्या कनीय अभियंता के नाम पर हो रही है राजनीति या मामला है कुछ और इस सम्बन्ध मे संपर्क करने पर कनीय अभियंता सुजय सुमन ने सभी आरोपी को सिरे से खारिज किया है??
उपमहापौर के आरोपों की बात करें तो उन्होंने लिखित शिकायत की थी जिसमे बताया गया की उनकी बहाली नियम संगत नहीं है जबकी कनीय अभियंता सुजय सुमन का कहना है की उनके द्वारा नियमसंगत तरीके से ही बहाली हुई है और इस मामले मे उच्च न्यायालय के डबल बेंच के आदेश के बाद ही तत्कालीन नगर परिषद ने उनको उनके पद पर बनाये रखा है।
जबकी सचिव स्तर की जाँच रिपोर्ट का उल्लेख किया जा रहा है उसमे कहीं भी बहाली को अवैध बताने जैसी बात नज़र नहीं आ रही। हालाँकि उसमे जरूर इस बात का उल्लेख किया गया है की कुछ भुगतान वापस लिया जा सकता है लेकिन उसके लिये उच्च न्यायालय के निर्देश को ध्यान मे रखना होगा।
हालाँकि जाँच कमीटी ने अपनी रिपोर्ट करीब डेढ़ माह पूर्व ही नगर आयुक्त कार्यालय को निदेशित किया था। परन्तु नगरआयुक्त ने इसपर कोई कार्यवाही का ना करना इस बात को बल देता है की जब भुगतान उच्च न्यायलय के आदेश से हुआ है तो यह कटौती संभव नहीं होती।






